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Sunday, 12 January 2020

Moral short Hindi Story [बिल्ली के गले मे घंटी]

Moral Short Hindi Story


Hellow Friends yeh ak Moral Short hindi story he. logo ko aksar asi Short Hindi stories padhna bahut achchha lagta he.

Ye hindi Moral story ka nam Billi ke gale me ghantee he.ye ak child short story he. or ye story entertain ke liye bahut achchhi he.

बिल्ली के गले मे घंटी(Child moral short Story)

Billi ke gale me ghantee
Billi ke gale me ghantee

                  एक पंसारी था। उसकी दुकान में बहुत से चूहे रहते थे। वहाँ उनके खाने का भरपूर समान था। वे अनाज, सूखे मेवे, ब्रेड, बिस्कुट, जैम और चीज़ आदि छककर खाते थे।
चूहों के कारण पंसारी को काफी नुकसान होता था। एक दिन उसने सोचा, "इन चूहों से छुटकारा पाने के लिए मुझे कुछ उपाय करना चाहिए। वरना ये तो मुझे कहीं का नहीं छोडेगें।

                  एक दिन दुकनदार एक बड़ी और मोटी-सी बिल्ली ले आया। उसने उसे दुकान में छोड़ दिया। अब चूहे खुलेआम घूम-फिर नहीं सकते थे। बिल्ली रोज किसी न किसी चूहे को पकड़ती और उसे मारकर खा जाती।

                   धीरे-धीरे चूहों की संख्या कम होने लगी। इससे चूहों को बहुत चिंता हुई। उन्होंने इसका उपाय ढूँढने के लिये सभा की। सबने एक स्वर मे कहा, "हमें इस बिल्ली से छुटकारा पाना ही होगा"। पर छुटकारा पाने के लिए क्या करना चाहिए, यह उस सभा में किसी को नहीं सूझता था।

                  तभी एक होशियार चूहे ने खडे़ होकर कहा, "बिल्ली बहुत चालाक है, वह दबे पाँव बड़ी फूर्ती से आती है। इसलिए हमें उसके आने का पता ही नही चलता। हमें किसी तरह उसके गले में एक घंटी बाँध देनी चाहिए।"
दूसरे चूहे ने इसका समर्थन किया, "वाह क्या बात कही है! जब बिल्ली चलेगी, तो उसके गले की घंटी बजेगी। हम घंटी की आवाज सुनकर सावधान हो जाएँगे। हम इतने फासले पर रहेंगे कि वह हमारा कुछ भी नहीं बिगाड़ सकेगी।"

                   सभी चूहों ने इस सुझाव का समर्थन किया। सारे चूहे खुशी से नाचने लगे। तभी एक बूढे़ चूहे ने कहा, "खुशियाँ मनाना बंद करो। मुझे सिर्फ इतना बताओ कि बिल्ली के गले में घंटी कौन बाँधेगा?" यह सुनते ही सारे चूहे चुप हो गये। वे एक-दूसरे का मुँह ताकने लगे। उन्हें इस सवाल का कोई जवाब नहीं सूझा।

शिक्षा -जिस सुझाव पर अमल न हो सके,
वह सुझाव किस काम का!

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