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Friday, 24 January 2020

20 Best Short Love stories in Hindi | Short Love story

Short Love stories In Hindi

दोस्तों बहुत सारे लोग गूगल में Love Short Story पढ़ना पसंद करते हैं जो बहुत ही छोटी कहानी होती है जिसमें 300 या 510 वर्ड्स की कहानियां होती है तो आज की कहानी आपके लिए सिर्फ 300 वर्ड के Stories hindi में है तो उम्मीद करता हूं आपको यह स्टोरी आपको पसंद आएगी

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    आए हो मेरी life में तुम बहार बन के


    मेरी जिंदगी खुली किताब की तरह थी। उस किताब में Logi के लिए प्यार और Hamdardi के सिवा कुछ नहीं था। मैं अपने दोस्तों के लिए कुछ भी कर Sakti थी और मेरी इस आदत ने Mujhe परेशानी में डाल दिया था। एक वक्त ऐसा भी Aaya जब मैं Bilkul अकेली हो गई थी। मैं उन दिनों 12वीं के Exam की तैयारी कर थी, जब तुम मेरी लाइफ में आए थे। मैं बहुत टूट चुकी थी। हर कोई मुझे बातें Sunata था, जबकि मेरी कोई गलती नहीं थी। मैं तो बस अपनी दोस्त की Jindagi बचा रही थी और सबने मुझको ही गलत समझ लिया था। अपनी पर्सनल दुश्मनी निकालने के लिए सभी ने Mujhe बेवजह बदनाम करना चाहा। उस वक्त तुमने मेरा हाथ थामकर मुझे सहारा दिया। तुमने मुझे उस मुश्किल दौर से nikala था। हालांकि, मैं इतनी बार Dhokha खा चुकी थी कि मैं तुम पर भी भरोसा नहीं कर पा रही थी। तुम मुझे समझाने की कोशिश करते Lekin मैं हमेशा तुमसे दूर ही रहती। मुझे बहुत देर बाद अहसास हुआ था तुम्हारे Pyarka का। तुम मुझसे कहते थे कि मैं Tumhara हाथ कभी नहीं छोड़ूंगा और तुमने ऐसा किया भी। तुम आज भी मेरे साथ हो। तुम्हारे घरवाले Jante हैं कि मैं तुम्हारी गर्लफ्रेंड हूं और बहुत ही जल्द हमारी शादी होने वाली है। तुम मुझे अपने पापा से मिलवाने वाले हो यह सोचकर मैं काफी एक्साइटेड हूं। मैं भी उनसे मिलना चाहती हूं। मेरी जिंदगी में आने के लिए और मुझे अपनाने के लिए Tumhara शुक्रिया अमित। आज के दिन मैं तुमसे बस यही कहना चाहती हूं 'आए हो मेरी जिंदगी में तुम बहार बन के'...आई लव यू

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    तुमसे दूर जाने का गम मुझे हमेशा सताएगा


    आज भी याद है वो दिन जब Pehli बार हम मिले थे। कितनी अजीब बातें की थीं न मैंने उस दिन। फिर दो दिन बाद जब मुझे अहसास हुआ कि मैं कुछ मिस कर रही हूं, तब मैंने Massage के जरिए तुम्हें बताया था कि आई मिस यू। इस पर तुमने भी बड़े स्मार्टली अंदाज में Replay किया था कि चलो लगभग 52 घंटे बाद तुम्हें अहसास तो हुआ कि तुम मुझे मिस कर रही हो। बस कुछ इसी तरह हमारी बातों का Sil-sila शुरू हुआ। कभी तुम्हारे प्रपोजल को Accept करती तो कभी मना कर देती लेकिन मना करने के बावजूद तुम यह बात जानते थे कि प्यार मैं तुम से ही करती हूं। जब तुमने पहली बार मेरा Hath पकड़ा था तो मैं दो दिन तक उस फीलिंग में खोई रही। हम कमिटेड हो गए और Reletionship में आ गए। कितना अच्छा था वो वक्त जब रोज हम एक-दूसरे से घंटों बात किया करते थे। स्पेशल ओकेजन में Gift देना और डेट पर घुमाने ले जाना, सब कुछ कितना स्पेशल था मेरे लिए लेकिन ये खुशियां सिर्फ कुछ ही पल की मेहमान थीं। मेरा तुमसे दूर जाना हम दोनों के लिए बहुत मुश्किल था लेकिन तुम यह बात जानते हो कि मैं अपनी मां को कितना pyar करती हूं इसलिए इस रिलेशनशिप से मुझे अलग होना पड़ा। हो सके तो मुझे माफ कर देना मैं भले ही तुमसे दूर रहूं लेकिन प्यार Hamesha तुमसे ही करती रहूंगी।

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    पहला क्रश हमेशा रहेगा याद


    मेरी लाइफ में पहला क्रश तब हुआ जब मैं First Year में था। मैंने फिजिक्स की कोचिंग जॉइन की थी। पहले दिन हम सभी बच्चे अपनी-अपनी Sit पर बैठे सर का intazar कर रहे थे कि तभी एक लड़की ग्रीन टॉप और Black जीन्स में आई। पहले ही दिन वह मुझे इतनी पसंद आ गई कि मैं उस Raat सो भी नहीं पाया। आंख बंद करूं तो उसका Chehra नजर आए, आंखें खोलूं तो ऐसा लगे जैसे वह मेरे सामने खड़ी है। मैंने उसी वक्त यह तय कर लिया कि उसे ही अपनी Girl friend बनाऊंगा। दूसरे दिन मैंने उससे उसका नाम पूछा तो उसने  Xxxx  बताया। धीरे-धीरे हमारी बातचीत शुरू हो गई।

    हम एक-दूसरे को Massage करने लगे। मेसेज में हाल-चाल से लेकर खाने तक की Baate होने लगीं। हमारी Friendship गहरी होती गई। मैं उसे मन ही मन चाहने लगा था, लेकिन Prapose करने में डरता था। उसके साथ एक साल कैसे बीत गया, पता ही नहीं चला था। अब Second year में हमने फिर से वही कोचिंग जॉइन की है। इस बार मैंने उसे prapose करने का मन बना लिया था। मेरे प्रपोजल से पहले ही उसने बता दिया कि उसकी Sagai हो चुकी है। मेरा Dil  उसी वक्त टूट गया, लेकिन फिर भी दिल ने उसे Pyar करना नहीं छोड़ा।

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    ओस की बूंदों में तुम्हारी यादें


    मैं 11वीं में पढ़ता था। रोज School जाता था लेकिन स्कूल के दोस्तों से Jyada घुली- मिला नहीं था। मेरे स्कूल में 9वीं class में एक लड़की पढ़ती थी, जो रोज किसी न किसी Bahaane से मेरी क्लास में आती थी। कभी अपनी Copy चेक करवाने, तो कभी बुक हाथ में लिए हमारे Teacher से कुछ पूछने के बहाने क्लासरूम में आ जाती थी। आते-जाते, मुझे हल्का सा मुस्कुराते हुए Dekhti थी। एक-दो बार उसने ऐसा ही किया तो मैंने उस पर गौर करना शुरू किया। अगली बार Classroom में वो आई और चिर परिचित अंदाज में मुस्कुराते हुए मेरे पास खड़ी हो गई। उसने मुझसे कहा, 'आपके पास Nine क्लास के नोट्स है? आप मुझे दे सकते हैं? उस दिन हमारी पहली Baatchit के बाद से वो मुझे पसंद आने लगी थी।

    अगली एक-दो Mulakaato के बाद मुझे उससे Pyar हो गया। जिस दिन भी स्कूल में उससे बात होती थी, उस Raat वो मेरे सपने तक में आ जाती थी। ऐसा कई बार हुआ। इसके Karib एक महीने बाद उसने मुझे एक Latter दिया, जिसके आखिर में लिखा था 'आई लव यू तुम्हारी xxxx।' इस पर मैंने भी उसे एक Latter लिखा जो मेरा पहला Love Lattet था। उस समय सुबह घने कोहरे के बीच हम एक साथ School जाया करते थे और Raste भर बातें करते रहते। School पहुंचकर हम बगीचे में Fulo पर चमकती ओस की बूंदों से खेला करते थे। अब ये ठंड Tumse जुड़ी यादों की गर्माहट Badha रही है।

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    प्यार नहीं बस दोस्ती ही रही


    मैं आठवीं Class में पढ़ता था। मेरी क्लास में उस Sall एक नई लड़की का Admition हुआ। उसे देखते ही मैं Apna दिल हार बैठा। कितना अनोखा Ahsaas था वह। उसके सिवा और कोई Khyaal ही नहीं आता। उसका हंसना, बोलना, चलना, मुस्कुराना, सबकुछ... हां सब कुछ मेरी Pasand बनने लगा। फिर कुछ समय बाद Mujhe यह अहसास हुआ कि यह एकतरफा Pyar था। उसने आठवीं और नौंवी Class हमारे स्कूल से की। उसके बाद पता चला कि उसने किसी Dusre स्कूल में एडिमशन ले लिया है।

    ये भी पता नहीं चल पाया कि Uska स्कूल कौन सा है। कहां तो मैं सोचने लगा था कि अब यही Ladki ज़िन्दगी भर मेरे साथ होगी। लेकिन यह रिश्ता इतना Kamjor भी हो सकता है और वक्त के थपेड़ों के साथ बिखर भी सकता है, मैंने नहीं Socha था। मेरी पूरी शख्सियत पर इस घटना का Kafi असर पड़ा। न पढ़ाई में मन लगता और न Dosto के साथ मौज मस्ती करने का मन करता। लेकिन, उस दिन तो मेरी Khoosi का ठिकाना न रहा, जब हमारे 10वीं बोर्ड का एग्जाम Senter एक ही स्कूल में पड़ा। अलग अलग स्कूल से Bachche आए हुए थे और हम पहले से एक Dusre को जानते थे।

    एग्जाम खत्म होने का Vakt आ गया था। मैं सोचने Laga कि अब ये फिर से दूर चली जाएगी। तो pyar के बारे में तो बाद में कहता रहूंगा, अभी Filhaal इसे अभी दोस्ते बना लेता हूं। ताकि एक दूसरे से Contect में तो रहें। मैंने कहा, मुझसे दोस्ती करोगी। उसने मेरा ऑफर आसानी से मान लिया। आज 14 सालों Baad भी हम केवल दोस्त ही हैं। मेरी Saadi दो साल पहले हुई और अब उसकी भी हो चुकी है।

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    अलसाई सुबह ने दिया तोहफा


    दो Saal हो गए इस शहर में आए। इन Sab में पता ही नहीं चला कि मैं कब लखनऊ के रंग में घुल गया। न जाने कब Yahaa की हवा मुझे बीते दिनों की Yaad दिलाने लगी। शहर की सभी प्रसिद्ध जगहें Dekhi पर इन दो साल में कभी यहां की सुबह नहीं देखी। अक्सर सुबह देर से सोकर Uthta था। एक दिन हॉस्टल के बगल वाले रूम में सुबह Shor के चलते मैं जल्दी Uth गया। सोचा पास वाले पत्रकारपुरम चौराहे से Chay का ही आनंद ले लूं।

    हल्की सी ओस के Bich लोग दुबके अपनी Majil की ओर आगे बढ़ रहे थे। तभी एक तस्वीर धीरे-धीरे Badi होती सी नजर आ रही थी। गीले बालों को Suljate हुए वह चौराहे की Taraf बढ़ रही थी। नीला कोट, सफेद शर्ट उसपर Blue और वाइट टाई। इंटर की Student लग रही थी। बार-बार अपने चेहरे पर आते Balon को हटाते हुए हर बार मेरे Dil पर कोई जादू सा कर रही थी। उसकी जुल्फों में मैं उलझ जाना Chahta था। कम से कम अपने बालों के बहाने Muje सुलझाती।

    सर्दी से नाक जरा Lal हो गई थी। उस लाल Rang से तो जैसे मेरी अलसाई आंखे पूरी तरह khun चुकी थीं। uska चेहरा तो जैसे मेरे दिल की हार्डडिस्क में हमेशा के लिए Save हो गया था। कुछ और भी कहना Chahta था उससे। प्यार तो नहीं Hua पर हां उसे यह जरूर बताना चाहता था कि जल्दी उठने का Morning ने बहुत अच्छा प्रजेंट दिया था। इससे पहले कुछ कहने की Himmat जुटा पाता उसकी बस आ गई और वह Chal गई। अखों के सामने से वह सुदंर नजारा दूर जा रहा था वहीं मेरे Chai का गिलास भी अब khali हो चुका था।

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    ऐक्टिंग में ही छुपा था प्यार


    जुलाई 2008 का Time था जब मैं और xx First बार मिले थे। मैं कोचिंग की Morning फर्स्ट बैच में थी और वो Dusre बैच में। जब मेरा Koching टाइम होता था तो उसका Projecting टाइम। बस कब हमारी Hi - hellow से शुरू दोस्ती बेस्ट फ्रेंड्स में बदल गयी pata ही नहीं चला। इस Dosti को आगे बढ़ाया हमारे इंस्टीट्यूट् के पिकनिक टूर ने। टूर में मैं Jyadatar समय उसका हाथ थामे साथ-साथ थी हमारी दोस्ती देखकर Bestmech और सर को लग Gaya कि मेरा-xx का चक्कर है। जब हमें यह भनक लगी कि सब हमें Girlfriend- boyfriend समझते हैं तो हम लोग कपल होने की Acting कर लोगों को बेवकूफ बनाने लगे।

    जबकि hamare बीच तब Kuch भी नहीं था। हम बहुत अच्छे Dost थे और ये बात मैंने वहां के सर को Bata दी थी। Koching में हमारा कोर्स भी खत्म हो Gaya और हम Log अपने-अपने काम में Busy हो गए। कई महीने में एक-दो बार Milte थे। खूब सारी बातें होतीं और Khub हंसते भी थे। अब मैं और मेरा वो 'खास दोस्त' साथ हैं और Hamne मान लिया है कि हम Shayad एक-दूसरे के लिए ही बने हैं। आज जब भी Kabhi हम लोग ये सोचते हैं तो बहुत Hasi आती है। कोचिंग में जो Logo को बेवकूफ बनाने के लिए झूठी Acting करते थे वो सच हो गई। अब हमारी बॉन्डिंग लोगों को Kafi पसंद आती है। आज भी पहली Mulakat याद आती है तो होंठों पर मुस्कुराहट आ Jati है। उन दिनों को याद कर आज भी एक- दूसरे को Chhedte हैं।

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    दिल की बात कहने में बहुत वक्त लगाया


    आज कई saal बाद जब वो मुझे मॉल में मिली तो पुरानी Yade ताजा हो गईं। नजरें Milte ही इसी मॉल की सीढ़ियों पर बैठकर चाय की चुस्कियां लेते हुए घंटों गप्पे Marna याद आने लगा। तब हम सिर्फ अच्छे Dost थे। सभी को लगता था कि हमारे Bicj कुछ पक रहा है। लेकिन, इन Sabse बेखबर मैं और xx दोनों ही दुनिया की बातों को हंसकर टाल Diya करते थे। Collage बंक कर दोनों अपने अड्डे पर ही Friends के साथ मस्ती करते थे। हम दोनों के बीच Dosti से ज्यादा कुछ नहीं था।

    कई बार दोस्तों ने कहा भी कि yaar कह दे मन की बात, वो भी तुझे प्यार Karti है। ना जाने क्यों मुझे Lagta था कि xx जैसी खूबसूरत लड़की मुझे pyar कर ही नहीं सकती। CollGe खत्म होते ही xx अपने शहर लौट गई। उस वक्त Asa लगता था मानों सब खत्म हो गया है। आज जब इतने Din बाद अचानक xx मिली तो मुस्कुराहट से शुरु हुई Mulakaat लंबी बातचीत में कब Badal गई पता ही नहीं चला।

    आज मैंने than लिया कि उसे मन की बात Bolkar ही रहूंगा, चाहे जवाब जो भी हो। xx भी shayad इसी इंतजार में Bato को खींच रही थी। आखिरकार मैंने मन की baat को जुबान पर ला ही दिया। आंखों में आंखें डालकर Kah दिया, 'आई लव यू'। ये सुनते ही उसकी Aankho में आंसू आ गए।xx ने बोला कि Kitna लंबा वक्त लगा Diya ये कहने में। मैं भी तुमसे pyar करती हूं। उसी दिन हमने saadi करने की ठान ली। दोनों के घर वालों ने Milkar हम दोनों को Hamesh के लिए एक कर दिया।

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    काश! हमें इज़हार करना आता


    वह मेरे Samne खड़ी थी, आसमान से Utari किसी परी की तरह। मेरी नजरों को जैसे उसने कैद Kar लिया था। मैं उसे घूरे जा रहा था। Achanak हाथ से चाय का Glass छूटने पर मैं सकपकाया और एक Nazar उसने भी मुझे देखा। चाय की Dukan वाले से ग्लास के पैसे काट लेने की बात कहते हुए मै वापस उसे देखने लगा। बड़ी Khubsurat सुबह थी वह। अपने पापा के साथ होटल से Jalebi लेने आई थी वह। कुछ पल बाद वो अपने पापा के साथ चली गई पर मैं उस hotel में कुछ उधार कर आया था। शायद उसके ख्यालों का उधार था इसलिए अब रोज वहां Jane लगा था।

    रोज वो आती। मैं उसे जी भर के Dekhta और दोनों के बीच एक अनकही बातचीत Hoti पर मैं कभी अपनी आंखों की जुबां को लफ्ज न दे सका। पढ़ाई पूरी हो गई और मैं एक Collage में प्रिंसिपल बन गया। एक रोज उसी Collage में हाथों में मेहंदी लगाए उसी परी को एक बच्चे को ले जाते देखा।दिल ने कहा, एक बार हिम्मत करके अपने Dil की बात उसे बता ही Deni चाहिए। लेकिन हिचक भी थी। मैं उसे actor देखे जा रहा था। वो मुझसे धीरे-धीरे दूर जा रही थी। मैं तेजी से Uski ओर भागा, उसके कुछ दूर पहुंचने से पहले ही वह Pichhe मुड़ी। मैं वहीं रुक गया। वो मेरे पास आई। मेरी सांसे तेज हो गई थीं। वह बोली, 'तुम्हें pyaar का इज़हार करना नहीं आता। दिल Jodna नहीं आता। शायद गिलास तोड़ने वाले कभी दिल Tutne की आवाज नहीं सुन पाते हैं। उन्हें दिल का टूटना भी Glass टूटने जैसा ही लगता है।' इतना Kehkar वो चल दी। थोड़ा Chalkar फिर मुड़ी। बोली, काश! तुम्हें pyaar का इज़हार करना आता।

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    वो तेरा मुझसे यूं टकरा जाना


    सिटी बसों का सफर भी बड़ा Majedar होता है इस शहर में। लेडीज सीट पर जेंट्स, Desable सीट पर हेल्दी और विधायक सीट तो जैसे कब से किसी विधायक के आने का Intajar कर रही हो। इसमें चढ़ने के लिए भी एक khas ट्रिक है। बस भीड़ का हिस्सा बन जाइए बाकी का Kam लोग खुद ही कर Dete हैं। उसी भीड़ में पहली बार मैंने Tumhe सीट पाने के लिए जद्दोजेहद करते देखा। Blue साड़ी में कितनी खूबसूरत लग रही थी तुम। पर उस दिन Shayad वह साड़ी ही तुम्हारी परेशानी की वजह बन गई थी। तुम्हें देखकर लग रहा था कि Shayad पहली बार तुम सिटी बस में ट्रैवल कर रही थी, तभी तुम्हें इसमें चढ़ने का Firmula नहीं पता था।

    तुम एक बार Bhid के बीच आई भी par धक्का-मुक्की के चलते तुम सबके चढ़ने का Intajar करने लगी। Last में जब तुम चढ़ी तो सीट नहीं मिली और पास ही tum सीट पकड़ कर khadi हो गई। मैं हर बार तुम्हें Kisi न किसी बहाने से Dekhta और हमारी नजरें टकरा जातीं। इस पर तुम ऐसे React करती जैसे तुम्हें मुझमें कोई इंट्रेस्ट नहीं। इसी बीच Bhid कम होती गई पर तुम्हें sit नहीं मिली। यकीन मानों उस Din पहली Bar मैं चाहता था कि कोई Lady खड़ी रहे।

    Shayd इसमें मेरा मतलब छिपा था। मैं Nahi चाहता था कि तुम मेरी Najro से दूर जाओ। कुछ तो था Uske चेहरे में जिसकी वजह से हर Baar उस पर जाकर मेरी आंखें Atak जाती थीं। इसी बीच ड्राइवर ने अचानक Break मारा और तुम झटके से लगभग मेरे ऊपर ही गिर गई। दावे के sath कहता हूं वह मेरी लाइफ का बेस्ट मोमेंट था। किसी Filmt सीन सा था वो। उसके बाद तुम शर्माते हुए खड़ी हो गईं पर हमारी आंखें अब भी Ulji थीं। कुछ दूर जाकर तुम Uatar गईं पर मेरे दिल से Tumhara खुमार है कि उतरता ही नहीं।

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    उसकी ना के बाद भी उसकी हां का इंतज़ार है


    इन 5 सालों में Jindagi इतनी बदल गई पर उसके Bina जीना नहीं सीखा पायी। Aaj भी मैं चाहती हूं कि 5 साल वापस Jakar अपनी ज़िंदगी के वो हसीन pal फिर से उसके Sath जी लूं। वो लम्हे अभी भी मेरे जेहेन में Kayam हैं। मैं उसे पसंद करने लगी थी। एक दिन मैंने उसे Apni दिल की बात कह दी, बस वही हमारी आखिरी मुलाकात थी और उसके बाद Usne धीरे-धीरे मुझसे बात करना छोड़ दिया। पर अभी भी जब Man बहुत बेचैन Hota है और उसकी यादें मुझे Pareshan करने लगती हैं, तो उसे फोन करती हूं पर वो कभी भी मेरा Fon नहीं उठाता। उसके साथ मैंने अपनी फीलिंग्स क्या Share की, वो मुझसे Bahut दूर चला गया। ज़िंदगी Tumhare बिना अधूरी है, लौट आओ। तुम्हे मैं नही Bhula पा रही।

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    हमें मिलना ही था...


    आपको शायद मेरी Love story बहुत Filmy लगे पर यही सच है मेरी Love कहानी का। मैंने उनको कभी Nahi देखा था, न ही कभी विदेश जाने का Sapna देखा था। मै तो बस आगे Padta चाहती थी पर माँ पापा मेरी शादी Karvana चाहते थे एक दिन मैंने भी गुस्से में आकर कह दिया कि अगर आप लोग मुझ से इतने ही Pareshan हो तो कर दो मेरी शादी। लेकिन इंडिया में नहीं कही और Jaha में आप लोगों से कभी न Mil सकूं। बस मेरा हां Kahna था कि अगले ही दिन हमारे घर एक बुआजी मेरा Rishta लेकर आ गईं वो भी विदेश से। मैंने भी गुस्से में हां कर दी लड़के के बारे में Bina कुछ जाने बिना कुछ देखे और तो और मैंने Foto देखना भी ठीक नहीं समझा।

    मां पापा ने बात आगे बढ़ाई तो पता लगा Ladka डॉक्टर है हॉलैंड में। अगले हफ्ते लड़के वालों का फोन आ गया। मन Bahut डर रहा था कि एक तो लड़का Doctor, मेरे से बिलकुल अलग। मैं तो पत्रकारिता की डॉक्टर थी और वो दिमाग का दोनों का Kahi भी मेल नहीं था ऊपर से Bina देखे हां कर दी थी। ये भी न सोचा था कि वो काला-गोरा या Fir लंगड़ा लूला तो नहीं है पर अब क्या? अब तो ओखली में सिर दे ही दिया था तो मुसलों से क्या Darna था। मैंने फोन पर पहले लड़के कि मां से बात की, फिर Ladke से। जब उसने पहली बार फोन पर हेलो Bola तो जैसे मुझे अपने वशीभूत ही कर लिया। आगे उसने क्या कहा मैंने suna ही नहीं, उसकी आवाज़ सुनते ही जैसे मेरे Man का डर कही छूमंतर हो गया और मुझे उसी समये उस से प्यार हो गया। फिर छह महीने तक हम दोनों में सिर्फ फोन पर ही बाते हुआ करती थी या फिर email लेकिन हम दोनों ने अभी तक एक दूसरे को dekha नहीं था। मई में वो अपने भाई के साथ इंडिया आए तब हमरी सगाई की Tarikh पक्की हो गई थी। तब सगाई से एक दिन पहले मैंने उन्हें Dekha पर शर्म और संकोच के मारे मुंह से कुछ बोल नहीं nikal रहे थे। वो जैसे मेरे मन की बात तब समझ गए थे इसलिए पहले मेरे bhai से बात की फिर मुझ से। उस एक फोन की बात से जो हमारा Pyar का सिलसिला शुरू हुआ वह आज Hamari शादी के दस Saal हो जाने पर भी कायम है आज Hamari दो प्यारी बेटियां हैं और Aaj भी हम एक दूसरे कि बात बिना कहे Samaj जाते है। शायद हम दोनों का जन्मदिन भी एक ही दिन है नो फरवरी इस लिए Abhi तक हम ये ही मानते है कि Shayad भगवान् ने हमे एक ही दिन दो अलग-अलग देशो में पैदा Karke भी एक साथ रहने के लिए Banaya है। हां और जो Ma papa से दूर जाने कि बात कही थी वो सच हो गई Ab में मां-पापा से कभी कभी ही Mil पाती हुं......... लेकिन पति और ससुराल से इतना प्यार मिला है कि ma-papa कि कमी ज्यादा खलती नहीं है।

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    प्यार ने दिया जीवन का लक्ष्य


    मैं जब 7वीं Class में पढ़ता था तब मुझे प्यार हुआ। मेरी Class में एक बहुत ही Khubsurat लड़की पड़ती थी। उसे देखकर ही मुझे अपनी जिंदगी का असली लक्ष्य मिला। उस Vakt में पढ़ाई में काफी कमजोर था और वह अच्छे नंबर लाती थी। मैं उसे Impress करना चाहता था। उसे इंप्रेस करने का मुझे एक Idea आया। मैंने तय किया कि मैं भी अच्छे Nambar लेकर आऊंगा।
         
       उस दिन से मैं पूरे जी-जान से पढ़ाई मे जुट गया और अपने Padhai लिखाई पर पूरा ध्यान देने लगा। मैं अच्छे नंबरों से पास हुआ और First आया। मेरे साथी और टीचर सभी मेरी प्रोग्रेस से हैरान और Khush थे। अगले सेशन में मुझे क्लास मॉनिटर बनाया गया। मैं अपने स्कूल में फेमस हो गया। एक दिन उस लड़की ने मेरी Copy मांगी और मेरी लिखाई देखकर काफी इंप्रेस हो गई। उस दिन पहली बार Hamari बात हुई।
            अगले दिन वह स्कूल टाइम से 30 मिनट Pahle आ गई और मुझसे काफी बातचीत की। उस दिन से हम दोनों के बीच दोस्ती हो गई। कई साल बाद भी मैं उसे prapose नहीं कर पाया। जब मुझे पता चला कि वह काफी अमीर परिवार से है और काफी अच्छी Famely से है तो मैंने उसे अभी प्रोपज़ न Karne का फैसला किया। मैं चाहता था कि मैं पहले उसके परिवार की हैसियत के Barabar बन जाऊं उसके बाद उसे अपने दिल की बात कहूं। इसलिए मैं Gav छोड़कर लखनऊ चला aaya और एनडीए की तैयारी में जुट गया। अब मेरी जिंदगी का लक्ष्य है कि मैं यह परीक्षा Pass कर लूं और फिर अपने प्यार का हासिल करूं। उसने मुझे मेरी Jindgi का लक्ष्य दे दिया।

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    आज तक हमें प्यार जताना नहीं आया


    प्यार करने और Jahir करने में बहुत फर्क होता है। प्यार करने के मामले में लव स्कूल का प्रिंसपल हूं मैं, पर उसे जाहिर Karne के नाम पर तो जैसे पिछले कई Saal से मैं नरर्सी का ही स्टूडेंट हूं जिसे कोई टीचर सिर्फ इसलिए नहीं पास कर रहा क्योंकि मैं आज तक Pyar जाहिर करने की ए बी सी डी भी नहीं Sikh पाया। करता भी क्या प्यार करना तो मेरे हाथ में था पर जाहिर Karne के लिए तो जैसे मुझे कई बॉडीगार्ड की Jarurat होती थी।

    प्लैटफॉर्म पर ट्रेन रेंगती सी नजर आ रही थी। मैं बिना Dhyaan दिए फोन पर बिजी हो गया। कुछ देर बाद आंखें खुद ब खुद एक पीली ड्रेस पर Jakar रुक गईं। घुंघराले बाल, बड़ी-बड़ी Aankhe और उसपर स्लाइलिश चश्मा। इन Ladkiyo को भी पता नहीं क्या मिलता है लड़कों को जलाकर। सबसे पहला Khyaal मेरे मन में यही आया था। स्टेशन पर Utarkar आगे की भी जर्नी करनी थी उसे शायद। एक पल के उसकी नजर मेरी ऊपर पड़ी उस Vakt मैं उसे किसी इडियट की तरह Nihar रहा था। किसी गल्ती को जैसे सुधारते हुए उसने दोबारा मुझे देखा। उससे Baat करना चाहता था पर आवाज थी कि जैसे हलक पर अनशन Karne बैठ गई थी।

    इसके बाद कई बार मेरी हरकतों ने Uske चेहरे पर स्माइल ला दी। हर बार अपनी जगह से उससे बात करने के लिए उठता एक Round लगाता और फिर किसी हारे हुए Sipahi की तरह अपनी जगह पर वापस आकर बैठ जाता। मेरी इस हरकत पर वह बिना Kuchh कहे बस हंस देती। यकीनन मेरे बात करने पर वह मुझे Response देती पर न जाने क्या था जो मुझे उससे बात करने से Rokta रहा इजहार में जो आवाज वहां Nikalni चाहिए थी वह यहां निकाल रहा हूं Taki अगर वह फिर कहीं Mile तो मेरी रिहर्सल हो जाए।

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    मेरा प्यार मिल जाए..


    मैं प्राइवेट कंपनी में अकाउंटेंट की Job करती हूं। मैं xx से बहुत प्यार करती हूं। हमारी दोस्ती 8 साल से है और वह भी Mujse बहुत प्यार करता है। मेरी मुलाकात उससे 8 साल पहले मेरी किसी फ्रेंड के जरिए हुई थी। हम बेस्ट Friend बन गए और मुझे पता ही नहीं चला कि कब और कैसे प्यार हो गया। उस समय तो मुझे बहुत पसंद करता था लेकिन अब वह मुझे pyar करने लगा है और मुझसे शादी करना चाहता है। लेकिन xx के पापा उसकी शादी mijse नहीं करना चाहते। उसके पापा चाहते हैं कि उनकी कास्ट की लड़की से xx की शादी हो।
            लड़की उन्होंने Dekh भी ली है और xx पर शादी के लिए प्रेशर डाल रहे हैं लेकिन xx उस Ladki से शादी नहीं करना चाहता। xx मुझे कहता है कि मैं कहीं और Saadi कर लूं और मैं उसे कहती हूं कि अगर आपको अपने पापा की मर्जी से शादी Karni है तो कर लो। जब आप शादी Kar लोगो तो मैं आपसे बात करना और मिलना छोड़ दूंगी। मेरी उससे अचानक एक हफ्ते से बात नहीं हुई थी और मैंने उसे Call किया था तो उसके फोन कभी भाभी उठाती तो कभी भाई। मुझसे कहा कि xx शहर से बाहर है मैंने कहा कि xx से मेरी कल ही तो Baat हुई थी आज वह शहर से बाहर कैसे चला गया। फिर Muje यह भी हैरानी हुई कि अगर वह बाहर जा रहा था तो मुछे बता कर जाता। फिर Muje पता चला कि वह हॉस्पिटल में ऐडमिट है। उसके papa ने उसे शादी के लिए प्रेशर दिया तो उसने गुस्से में कुछ खा लिया था। दो दिन baad वह हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हुआ।   
             जब तक पता नहीं चला कि वह ठीक है मेरी जान अटकी रही। लेकिन अगले ही दिन सुबह xx ने मुझे फोन किया और कहा कि मेरी saadi हो गई अब मुझे कॉल मत करना। मैं तुमसे मिलना नहीं चाहता लेकिन 21 फरवरी को तुम्हारे जन्मदिन पर जरूर मिलूंगा। मैंने उसे Kahaa कि तुम झूठ बोल रहे हो उसने कहा कि नहीं वह सच कह रहा है। मैं अच्छी Tarah से जानती हूं कि वह मुझे प्यार करता है और वह जानबूझ कर झूठ बोल रहा है ताकि मैं उसे भूल जाऊं। मैं सिर्फ Apna प्यार चाहती हूं आशा करती हूं कि मुझे मेरा प्यार मिल जाए। मेरी उससे Saadi हो जाए।

    I hop You Like this Short stories about love so, please give something comment.

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